प्रकाश पीयूष

प्रकाश पीयूष

हमारी सोच

Monday, 27 December 2010


शून्य से शुरुआत करनी होगी
सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने बिहार में बहुत प्रचार किया था
बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के रूझानों के मुताबिक जनता दल यूनाइटेड और भाजपा के गठबंधन को भारी जीत मिली है जबकि बिहार में उत्तर प्रदेश की तरह चमत्कार की आस लगाए बैठी कांग्रेस पार्टी को करारा झटका लगा है.
पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने बिहार की जीत के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा है कि वहाँ पार्टी को बहुत उम्मीद नहीं थी.
उन्होंने कहा, "चुनाव परिणामों से साफ़ है कि बिहार में पार्टी को शून्य से शुरुआत करनी होगी और हमारी योजना यही करने की है."
बिहार चुनाव के कांग्रेस प्रभारी मुकुल वासनिक ने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार में अकेले चुनाव अपने दमखम पर लड़ने का फ़ैसला सोच-समझ कर लिया गया था.
जबकि कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि बिहार के मतदाताओं ने क़ानून व्यवस्था में हुई बेहतरी का फल उन्हें दिया है.
लगभग इसी तरह की प्रतिक्रिया गृहमंत्री पी चिदंबरम ने दी है और कहा है कि बिहार में विकास की जीत हुई है.
उन्होंने नीतीश कुमार को भविष्य में एक प्रगतिशील गठबंधन के लिए शुभकामनाएँ भी दी हैं.
'रास्ता लंबा हो सकता है'
मैं नहीं समझता कि बिहार में राहुल गाँधी का करिश्मा नहीं चला. राहुल के सभी चुनावी सभाओं में काफ़ी भीड़ उमड़ती रही. वे जनसभाओं में बेहद अच्छा बोले और निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं में उन्होंने जोश भरा.लेकिन जहाँ तक चुनावी परिणाम का सवाल है, ये अलग मुद्दा हैं. इनका विश्लेषण अलग से किया जाएगा
मुकुल वासनिक
मुकुल वासनिक ने हार के लिए पूरी ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि जब बिहार में अकेले जाने का फ़ैसला किया गया तो पता था कि रास्ता लंबा हो सकता है.
उनहोंने कहा, "हमें अहसास था कि रास्ता लंबा हो सकता है आसानी से वहाँ पर जगह बनाना मुमकिन नहीं होगा, लेकिन हम उस रास्ते पर चल चुके हैं, आगे और भी मजबूती से उस पर प्रयास करते रहेंगे.
उनका कहना था कि राहुल गांधी की चुनावी रैलियां काफ़ी प्रभावशाली रहीं.
उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि बिहार में राहुल गाँधी का करिश्मा नहीं चला. राहुल के सभी चुनावी सभाओं में काफ़ी भीड़ उमड़ती रही. वे जनसभाओं में बेहद अच्छा बोले और निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं में उन्होंने जोश भरा.लेकिन जहाँ तक चुनावी परिणाम का सवाल है, ये अलग मुद्दा हैं. इनका विश्लेषण अलग से किया जाएगा."
वासनिक का कहना था कि कोई भी संस्था एक सतत प्रक्रिया के तहत चलती है.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि उन्हें देर से बिहार का प्रभारी बनाया गया.
उनका कहना था, "हम जो भी कर सकते थे हमने उसे अच्छी तरह से पूरा करने की कोशिश की।बिहार की राजनीति में हम अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। निश्चित रूप से हम इस बात का आकलन करेंगे कि क्या गलती हुई जिस वजह से हमें इस तरह के परिणाम मिले."
बीबीसी हिदी se

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